दोना पत्तल उद्योग केंद्र
बालोद में रेनू निर्मलकर ने खोला स्वरोजगार का नया अध्याय भारती महिला शक्ति फाउ...
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बालोद में रेनू निर्मलकर ने खोला स्वरोजगार का नया अध्याय
भारती महिला शक्ति फाउंडेशन की परियोजना "मेरी आजीविका मेरी पहचान" के तहत स्थापित हुआ दोना पत्तल उद्योग केंद्र
बालोद छत्तीसगढ़।
दिनांक 28 सितंबर 2025 को बालोद जिले की उद्यमी श्रीमती रेनू निर्मलकर ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया कदम बढ़ाते हुए अपने घर में दोना पत्तल उद्योग केंद्र स्थापित किया। यह उद्योग केंद्र गंगामैय्या इंटरप्राइजेज फार्म के माध्यम से भारतीय महिला शक्ति फाउंडेशन की महत्वाकांक्षी परियोजना "मेरी आजीविका मेरी पहचान" के अंतर्गत प्रारंभ किया गया।
इस अवसर पर संस्था के संस्थापक एवं परियोजना संचालक श्री शैलेंद्र कुमार रजक अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। फाउंडेशन द्वारा मशीन का पूर्ण इंस्टॉलेशन, प्रशिक्षण एवं संचालन प्रक्रिया कराकर इसे रेनू निर्मलकर और उनके पति श्री सुरेश निर्मलकर को विधिवत सुपुर्द किया गया।
रेनू निर्मलकर ने प्रधानमंत्री Empowerment Generation Program के तहत लोन लेकर इस उद्योग की शुरुआत की है।
उन्होंने कहा –
“आज मैं गर्व के साथ कह सकती हूँ कि यदि हम ठान लें तो महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह उद्योग मेरे लिए ही नहीं, बल्कि गाँव की अन्य बहनों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा।
उन्होंने आगे कहा –
“बेरोजगारी कोई रुकावट नहीं है, अगर हम सही दिशा और सहयोग पा जाएँ। मैं चाहती हूँ कि मेरी तरह अन्य बहनें भी आगे आएँ और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करें।”
संस्था के संस्थापक श्री शैलेंद्र कुमार रजक ने कहा कि "मेरी आजीविका मेरी पहचान" अभियान का उद्देश्य महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाना है। इस प्रकार के उद्योग महिलाओं को घर बैठे आय अर्जित करने का अवसर देते हैं और उन्हें समाज में एक नई पहचान दिलाते हैं।
रेनू निर्मलकर का यह कदम निश्चित रूप से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान है।
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